Jackfruit Pickle (kathahal kaa achaar)
कटहल का अचार
सामग्री------
कटहल छिला हुआ टुकडों मेंं कटा हुआ 1 किलो
छोटी लाल राई 100ग्राम
मेथीदना 1 टीस्पून
कलौंजी 1 टीसपून
हींग 1/2 टीस्पून
पिसी हल्दी 2 टीस्पून
पिसी लाल मिर्च 1टीस्पून
नमक 2टीस्पून या स्वादानुसार
सरसों का तेल 250 ग्राम
विधि------
बडे कुकर या भगौने में आधा पानी भरकर गैस पर चढाएं।इसमें 2 टेबलस्पून सरसों का तेल डाल दें।कटहल के टुकडे भी डाल दें।तेल डालने से भगौने के किनारों पर कटहल का रस चिपकता नहीं है।अब इसे गलने तक पकायें ।खडा खडा गलने पर छलनी में छान लें और परात में फैलाकर धूप में सुखायें।ऐक घंटे बाद अंदर ले आयें।अब छौंक लगाने वाले बर्तन में आधा तेल डाल कर धुआं आने तक गरम करे गैस बंद कर दें। ऐक मिनिट के बाद इस तेल में मेथीदाना,कलौंजी,हींग व हल्दी डालें।अब इस तेल को कटहल में मिला दें और पलटे से कटहल को चलायें ताकि तेल ठंडा हो जायें।ठंडा होने पर इसमें लाल मिर्च,नमक वा राई मिला दें।हाथों से अच्छी तरह मिलाकर इसे कांच की चौडे मुह्न की बरनी में ठूंस ठूंस कर भरें साथ साथ बचा हुआ तेल भी थोडा थोडा करके डालते जायें।तेल टुकडो के ऊपर तक आ जाना चाहिये।अब इसका ढ्क्कन लगा कर 1 हफ्ते के लिये रक़्ख दें।हफ्ते भर बाद यह खाने के लिये तैयार है।
टिप्स-----
धूप ना हो तो कटहल को पंखे के नीचे भी सुखाया जा सकता है।कच्चा कटहल छोटे बीज वाला अचार डालने के लिये उत्तम होता है।नमक और भी कम डाला जा सक्ता है पर उस स्थिती में कटहल के टुकडे तेल में डूबे होने चाहिये क्योंकि तेल ही प्रिज़र्वेटिव का काम करेग।
कटहल का अचार
सामग्री------
कटहल छिला हुआ टुकडों मेंं कटा हुआ 1 किलो
छोटी लाल राई 100ग्राम
मेथीदना 1 टीस्पून
कलौंजी 1 टीसपून
हींग 1/2 टीस्पून
पिसी हल्दी 2 टीस्पून
पिसी लाल मिर्च 1टीस्पून
नमक 2टीस्पून या स्वादानुसार
सरसों का तेल 250 ग्राम
विधि------
बडे कुकर या भगौने में आधा पानी भरकर गैस पर चढाएं।इसमें 2 टेबलस्पून सरसों का तेल डाल दें।कटहल के टुकडे भी डाल दें।तेल डालने से भगौने के किनारों पर कटहल का रस चिपकता नहीं है।अब इसे गलने तक पकायें ।खडा खडा गलने पर छलनी में छान लें और परात में फैलाकर धूप में सुखायें।ऐक घंटे बाद अंदर ले आयें।अब छौंक लगाने वाले बर्तन में आधा तेल डाल कर धुआं आने तक गरम करे गैस बंद कर दें। ऐक मिनिट के बाद इस तेल में मेथीदाना,कलौंजी,हींग व हल्दी डालें।अब इस तेल को कटहल में मिला दें और पलटे से कटहल को चलायें ताकि तेल ठंडा हो जायें।ठंडा होने पर इसमें लाल मिर्च,नमक वा राई मिला दें।हाथों से अच्छी तरह मिलाकर इसे कांच की चौडे मुह्न की बरनी में ठूंस ठूंस कर भरें साथ साथ बचा हुआ तेल भी थोडा थोडा करके डालते जायें।तेल टुकडो के ऊपर तक आ जाना चाहिये।अब इसका ढ्क्कन लगा कर 1 हफ्ते के लिये रक़्ख दें।हफ्ते भर बाद यह खाने के लिये तैयार है।
टिप्स-----
धूप ना हो तो कटहल को पंखे के नीचे भी सुखाया जा सकता है।कच्चा कटहल छोटे बीज वाला अचार डालने के लिये उत्तम होता है।नमक और भी कम डाला जा सक्ता है पर उस स्थिती में कटहल के टुकडे तेल में डूबे होने चाहिये क्योंकि तेल ही प्रिज़र्वेटिव का काम करेग।
कटहल का अचार


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